In the Name of Coronavirus

In the Name of Coronavirus

Sandeep Pandey | Steps taken to check the spread of coronavirus appears merely to be a public relations exercise. Otherwise, how is the Parliament still functioning, when all other public institutions have been closed; why are religious activities in temples of Ayodhya or Gorakhpur still continuing?

सरकार द्वारा पांचवें साधु का बलिदान लेने की तैयारी

सरकार द्वारा पांचवें साधु का बलिदान लेने की तैयारी

नरेंद्र मोदी सरकार ने चाहे नमामि गंगे के नाम पर जितना भी पैसा खर्च कर लिया हो हक़ीक़त तो यही है की गंगा साफ़ नहीं हुई है और दूसरी हक़ीक़त यह है की जब तक गंगा में अवैध खनन बंद नहीं होगा, सभी प्रस्तावित व निर्माणाधीन बांधों पर रोक नहीं लगाई जाएगी व गन्दी नालियों का पानी, बिना साफ़ किये अथवा साफ़ करने के बाद भी, नदी में डालने से रोका नहीं जायेगा तब तक मातृ सदन का संघर्ष जारी रहेगा।

प्रेस को निमंत्रण: सरकार द्वारा पांचवें साधु का बलिदान लेने की तैयारी

प्रेस को निमंत्रण: सरकार द्वारा पांचवें साधु का बलिदान लेने की तैयारी

मातृ सदन के दो संत अभी भी अनशन पर हैं, साध्वी पद्मावती कुछ बोल न पाने की स्थिति में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संसथान, दिल्ली में व स्वामी शिवानंद मातृ सदन हरिद्वार में। किन्तु सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि कहा जाये तो सरकार उनके अनशन को नज़रअंदाज़ कर रही है जैसे पहले उसने स्वामी सानंद और स्वामी निगमानंद के अनशन को नज़रअंदाज़ किया।

हिंदुत्ववादी सरकार में हिन्दू संतों का अपमान

हिंदुत्ववादी सरकार में हिन्दू संतों का अपमान

यह कितनी अजीब बात है कि एक हिंदुत्ववादी सरकार के शासन काल में गंगा के संरक्षण के मुद्दे पर साधु अपनी जान की बाजी लगाए हुए हैं और सरकार ही नहीं समाज भी इतना संवेदनशील नहीं कि उनके साथ सहानुभूति भी दिखा सके।

Sacrifice at the Altar of Development

Sacrifice at the Altar of Development

SACRIFICE AT THE ALTAR OF DEVELOPMENT The legendary Professor Guru Das Agrawal, who got promoted from a Lecturer directly to Professor at the prestigious Indian Institute of Technology at Kanpur after having finished his Ph.D. from University of California at Berkeley in two years and laid the foundation of India’s anti-pollution regimen as the first […]

एक साधू को मरने के लिए छोड़ दिया है तथाकथित हिंदुत्ववादी सरकार ने

एक साधू को मरने के लिए छोड़ दिया है तथाकथित हिंदुत्ववादी सरकार ने

प्रेस विज्ञप्ति दिनांकः 30 सितम्बर, 2018 एक साधू को मरने के लिए छोड़ दिया है तथाकथित हिंदुत्ववादी सरकार ने स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद जो पहले भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान कानपुर में प्रोफेसर जी.डी. अग्रवाल के नाम से सिविल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं गंगा के संरक्षण हेतु मांग को लेकर आज मातृ सदन, हरिद्वार में […]

ये साधू-संयासी हिन्दुत्ववादियों को रास क्यों नहीं आते?

ये साधू-संयासी हिन्दुत्ववादियों को रास क्यों नहीं आते?

ये साधू-संयासी हिन्दुत्ववादियों को रास क्यों नहीं आते? 86 वर्षीय स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद गंगा संरक्षण हेतु एक अधिनियम बनाने की मांग को लेकर 22 जून 2018 से हरिद्वार में अनशन पर बैठे। केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास व गंगा संरक्षण मंत्रालय की तरफ से कोई भी स्वामी सानंद से मिलने नहीं आया। हरिद्वार के […]