वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा, के एसिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. अमरेन्द्र नारायण भारत के साथ हुए आपराधिक कृत्य में न्याय की गुहार

सेवा मेंः

श्री नीतीश कुमार

माननीय मुख्यमंत्री

बिहार

दिनांकः 26 अगस्त, 2020

विषयः वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा, के एसिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. अमरेन्द्र नारायण भारत के साथ हुए आपराधिक कृत्य में न्याय की गुहार। 

आदरणीय नीतीश कुमार जी,

सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) की तरफ से हम आपका ध्यानाकर्षण वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा, में घटित एक अत्यंत निंदनीय कृत्य की ओर चाहते हैं। एसिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. अमरेन्द्र नारायण भारत की विश्वविद्यलय परिसर के अंदर विवेक कुमार, जो जीतेन्द्र पाण्डेय के नाम से लोकप्रिय है, द्वारा 13 अगस्त, 2020 को पिटाई की गई। इससे पहले भी डाॅ. अमरेन्द्र नारायण भारत को सिर्फ इसलिए बदनाम करने की कोशिशें हुई हैं क्योंकि वे बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार व विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने के प्रयास में लगे हुए हैं। कम्प्यूटर केन्द्र को सक्रिय कर कई प्रक्रियों के कम्प्यूटरीकरण से ही विश्वविद्यलय के करोड़ों रुपओं की बचत हुई है। ऐसे लोगों को, जो भ्रष्ट व्यवस्था से लाभान्वित हो रहे थे, डाॅ. अमरेन्द्र नारायण भारत द्वारा पारदर्शिता स्थापित करने की पहल रास नहीं आ रही।

डाॅ. अमरेन्द्र नारायण भारत की खुद की अकादमिक पृष्ठभूमि उल्लेखनीय रही है। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर से स्नातकोत्तर शिक्षा ग्रहण कर अमरीका के मिसीसिपी राज्य विश्वविद्यालय से नाभिकीय भौतिक शास्त्र में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। अमरीका में एक प्रतिष्ठित शोधकर्ता के रूप में इन्होंने अपना योगदान दिया। पीएच.डी. पश्चात इन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुम्बई में शोध कार्य हेतु फेलोशिप मिली। जब इनकी नियुक्ति अपने पैतृक स्थान के समीप आरा के वीर कुवर सिंह विश्वविद्यालय में हुई तो उन्होंने अपनी मातृभूमि की सेवा हेतु यहां आने का निर्णण लिया। एक मेधावी शिक्षक-शोधकर्ता होने के साथ साथ एक शिक्षविद के रूप में शिक्षा के माध्यम से उनके लिए नए अवसरों की सम्भावना तलाश युवाओं के सशक्तिकरण में भी उनकी रूचि रहती है। शिक्षा क्षेत्र के अलावा योग व ध्यान के माध्यम से उन्होंने कई लोगों के जीवन में सकारात्मक योगदान दिया है।

इस किस्म कीे काबिलियत और निष्ठा वाले व्यक्ति को राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए। किंतु हो इसका उल्टा रहा है। विश्वविद्यालय उनकी तरफ से प्रथम सूचना रपट दर्ज कराने में या उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने में असफल रहा है। उल्टे उन्हें बदनाम करने के लिए उनके खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज हो गई है।

हम आपसे अनुरोध करते हैं कि डाॅ. अमरेन्द्र नारायण भारत के खिलाफ दर्ज फर्जी प्राथमिकी वापस ली जाए। दोषी व्यक्ति की गिरफ्तारी हो और डाॅ. अमरेन्द्र नारायण भारत के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए। राज्य सरकार विश्वविद्यालय व बिहार के लोगों की सेवा के लिए उनके प्रयासों को सम्मानित करे। विश्वविद्यालय उनके साथ हुए आपराधिक कृत्य का संज्ञान ले और विधिक प्रक्रिया में उनका साथ देते हुए उपने यहां अध्यापन-शोध करने वालों को विश्वविद्यालय के विकास हेतु प्रेरित करे।

हम उम्मीद करते हैं कि डाॅ. अमरेन्द्र नारायण भारत के साथ न्याय होगा।

डाॅ. जी.जी. पारिख, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, मुम्बई, 9869009850 

पन्नालाल सुराना, अध्यक्ष, सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), 9423734089 

डाॅ. सुनीलम, भूतपूर्व विधायक, मध्य प्रदेश, 9425109770 

डाॅ. पीहू परदेशी, एसिस्टेंट प्रोफेसर, टाटा इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंसेस, मुम्बई, 9833804545 

गौतम कुमार प्रीतम, महामंत्री, सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), 9162064070

संदीप पाण्डेय, उपाध्यक्ष, सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), 0522 2355978

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