सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान की कड़े शब्दों में निंदा

दिनांक: 24 जून 2026

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जंतर मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौजवानों को दहशतगर्द करार दिया है। उनका कहना है कि ये लोग समाज में नफरत और हिंसा फैलाने वाले लोग हैं, दहशतगर्द हैं, देश में भय का वातावरण बना रहे हैं।

जबकि हकीकत यह है कि हजारों की संख्या में छात्र पेपर लीक के सवाल पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। नैतिक जिम्मेदारी व जवाबदेही लेने के बजाय धर्मेंद्र प्रधान उल्टा देश के नौजवानों और छात्रों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, जो धर्मेंद्र प्रधान के मानसिक दिवालियापन का सबूत है।

नीट से लेकर लेखपाल, जेई, पुलिस, सीयूईटी की परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। सैकड़ों प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। सरकार अपनी कमियों को दुरुस्त करने के बजाय देश के छात्रों और नौजवानों पर अनर्गल आरोप लगा रही है।

पेपर लीक जैसी घटनाओं ने छात्रों के मन में दहशत पैदा की है, जिसके कारण नीट परीक्षा देने वाले तकरीबन 17 बच्चे आत्महत्या जैसा भयावह कदम उठाने को मजबूर हो गए। हजारों की संख्या में बच्चे दहशत के कारण एंजायटी के शिकार हो गए। छात्रों में भय, कुंठा व निराशा पैदा हुई है, जिसके लिए सीधे तौर पर धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं। इन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव व पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेंद्र यादव ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग जब दिल्ली की सड़कों पर किसान आंदोलन हो रहा था तो इसी तरह के अनर्गल आरोप लगा रहे थे। धर्मेंद्र प्रधान को अपने इस बयान के लिए देश के छात्रों और नौजवानों से माफी मांगनी चाहिए।

प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे भ्रष्टाचार व पेपर लीक जैसे मसलों पर सरकार को गंभीर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि देश के बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

जारीकर्ता,  

राजीव यादव  

महासचिव, सोशलिस्ट किसान सभा  

विरेंद्र यादव  

महासचिव, पूर्वांचल किसान यूनियन  

मो. 9838302015


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