दिनांकः 6 अगस्त, 2026
यह अत्यंत खेद का विषय है कि सूरजमल विश्वविद्यालय कालेज ऑफ नर्सिंग, किच्छा, ने अपने यहां दाखिला लिए छात्रों को अंधेरे में रखा और यह उजागर नहीं किया कि उनके द्वारा चलाए जा रहे बी.एससी. नर्सिंग व जनरल नर्सिंग एवं मिडवाइफरी कार्यक्रम को इण्डियन नर्सिंग काउंसिल से मान्यता ही नहीं प्राप्त है।
छात्र कालेज प्रबंधन से जनवरी से वार्ता कर रहे हैं और 17 फरवरी को दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी हुआ लेकिन कालेज प्रबंधन उसका अनुपालन करने से पीछे हट गया। यह छात्रों के साथ वायदाखिलाफी है।
अपने भविष्य को अधर में लटका हुआ देख छात्रों ने 29 जुलाई से शांतिपूर्ण एवं अहिंसक तालाबंदी का फैसला लिया है। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) इस आंदोलन में पूरी तरह छात्रों के साथ है।
यह स्पष्ट है कि कालेज छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। हम उधम सिंह नगर जिला प्रशासन एवं उत्तराखण्ड सरकार से मांग करते हैं कि कालेज को मजबूर करे कि छात्रों के साथ हुए समझौते का अनुपालन करे।
यहां पढ़ रहे छात्रों को किसी अन्य विश्वविद्यालय जहां बी.एससी. नर्सिंग व जी.एन.एम. के कार्यक्रम संचालित होते हैं वहां समायोजित किया जाए ताकि उनकी अध्ययन प्रकिया को नुकसान न हो। यदि शासन-प्रशासन ऐसा नहीं कर सकता तो उसे कालेज को मजबूर करना चाहिए के छात्रों को, जितना पैसा उन्होंने शुल्क देने में खर्च किया है, उसका कम से कम चार गुना भरपाई करे। अंतिम विकल्प के रूप में सूरजमल विश्वविद्यालय का राष्ट्रीयकरण कर सरकार ही इसे संचालित करे।
कालेज, प्रशासन या शासन सूरजमल विश्वविद्यालय कालेज ऑफ नर्सिंग के छात्रों के आंदोलन को हल्के में लेने की गल्ती करेगा तो उसे समझ लेना चाहिए कि वर्तमान समय में पूरे देश में छात्र- नवजवान आंदोलित हैं और किच्छा का आंदोलन भी बड़ा होते देर नहीं लगेगी।
प्रेम कुमार, 9412839020, महासचिव, सोशलिस्ट किसान सभा
नत्थूलाल नितिन, 8279821260, सदस्य, राष्ट्रीय समिति, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)
संदीप पाण्डेय, 0522 2355978, 3564437, प्रधान महासचिव, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)


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