यूरिया की कालाबाजारी और लूट पर कृषि मंत्री का बयान भ्रामक, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

पूर्वांचल किसान यूनियन महासचिव विरेंद्र यादव और सोशलिस्ट किसान सभा महासचिव राजीव यादव ने कहा है कि कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही किसानों की जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान हैं और गलत बयानी कर रहे हैं। कृषि मंत्री का यह बयान जमीनी हकीकत से परे है कि प्रदेश में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और किसानों को समय पर खाद-बीज मिल रहा है।

वर्तमान में धान की फसल के लिए किसानों को यूरिया की सबसे अधिक आवश्यकता है। लेकिन आज किसान दुकान-दुकान भटकने को मजबूर हैं। सरकार ने खाद वितरण की पूरी व्यवस्था खुले बाजार के हवाले कर दी है। साधन सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। किसान रोजाना इस उम्मीद में समितियों का चक्कर लगा रहे हैं कि आज यूरिया मिल जाएगी। आखिर में थक हारकर उसे मजबूरी में खुले बाजार से महंगे दाम पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है।

कृषि विभाग के अधिकारी और दुकानदार मिलकर किसानों को दोनों हाथों से लूट रहे हैं। सरकारी रेट 236 रुपए प्रति बोरी यूरिया है, लेकिन उसके साथ जबरन जिंक और सल्फर का पैकेट थमाकर किसानों से 600 रुपए वसूले जा रहे हैं। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला कृषि अधिकारी खुलेआम 5 रुपए प्रति बोरी यूरिया और 40 रुपए प्रति पैकेट जिंक पर कमीशन लेकर दुकानदारों को लूट की खुली छूट दे रखे हैं।

नेताओं ने आरोप लगाया कि कृषि मंत्री लखनऊ में बैठकर सिर्फ अपने हिस्से का कमीशन इकट्ठा करने में व्यस्त हैं। पूरे सूबे में किसानों के साथ लूट हो रही है। इस लूट में कृषि अधिकारी से लेकर कृषि मंत्री तक सभी शामिल हैं। यदि आज कृषि अधिकारी से लेकर कृषि मंत्री तक की संपत्ति और आय की जांच करवा दी जाए तो यह लोग जेल की सलाखों के पीछे होंगे।

पूर्वांचल किसान यूनियन और सोशलिस्ट किसान सभा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे तत्काल हस्तक्षेप करें और प्रदेश के सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराएं। साथ ही इस लूट की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

जारीकर्ता :

वीरेंद्र यादव  

महासचिव, पूर्वांचल किसान यूनियन

Mobile: 9838302016  

राजीव यादव  

महासचिव, सोशलिस्ट किसान सभा 


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