राज्य सत्ता के दमनकारी भूमिका के खिलाफ राष्ट्रीय सप्ताह

सोशलिस्ट पार्टी पूरी मजबूती से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से ख़ुद को जोड़ती है। इस संबंध में सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) 06 से 13 अप्रैल के राष्ट्रीय सप्ताह की याद नागरिकों को दिलाना चाहती है। ये वही दिन हैं जब स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी ने 6 अप्रैल 1919 को रोलेट एक्ट का विरोध शुरू किया था । और 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में औपनिवेशिक दमन का खूनी खेल खेला गया था । महात्मा गांधी के राष्ट्रव्यापी हड़ताल बुलाने की स्मृति में इस सप्ताह को राष्ट्रीय सप्ताह के रूप में मनाना शुरू किया गया था । महात्मा गांधी ने इस दौरान औपनिवेशिक दमन के खिलाफ लोगों को एकजुट करने के लिए कई अभियान शुरू किए । इस अवसर का इस्तेमाल राष्ट्रीय संघर्ष में सभी समुदायों के योगदान को रेखांकित करने के लिए भी किया गया।

सोशलिस्ट पार्टी इस बात में यक़ीन रखती है, कि नव-साम्राज्यवादी सत्ता और वर्तमान राजनीतिक हालात में राज्य सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ इस मौके को हमें भूलना नहीं चाहिए । पिछले साल की तरह इस साल भी, सोशलिस्ट पार्टी राष्ट्रीय सप्ताह मनाने के लिए, स्वतंत्रता आंदोलन के विषय और उसके लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और समतावादी विरासत पर अपने सभी राज्य इकाइयों के साथ विचार विमर्श करेगी ।

Bhai Vaidya, President
Socialist Party (India)


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