Commentary

  • Niti Aayog Must Stop Plan to Privatise Public Health

    Niti Aayog Must Stop Plan to Privatise Public Health

    One cannot ignore the fact the private players are there only so long as profits are to be made. Will these private players continue to play their role in so-called ‘public private partnerships’ if cost-benefit ratio is not in their interest?

  • परिसर या छावनी

    परिसर या छावनी

    प्रेम सिंह | विश्वविद्यालय अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी परिसर में सुरक्षित, भय-मुक्त और रचनात्मक वातावरण बनाना है, न कि इस या उस सरकार का आदेश पालन करना.

  • Arrest of Md Shoaib, SR Darapuri in UP Insults Their Human Rights Work Legacy

    Arrest of Md Shoaib, SR Darapuri in UP Insults Their Human Rights Work Legacy

    Sandeep Pandey | Most surprising was the incarceration of Darapuri, a retired inspector general of police.

  • हिन्दू और मुसलमान

    हिन्दू और मुसलमान

    डॉ. राममनोहर लोहिया |

  • लोक परिसम्पत्तियां बेचने को उतावली सरकार

    16वीं लोक सभा की 2017-18 की संसदीय रक्षा समिति ने भारत में ही अभिकल्पित, विकसित व निर्मित की अवधारणा पर जोर दिया। समिति ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान, आर्डनेंस कारखाने व रक्षा विभाग से सम्बद्ध सार्वजनिक उपक्रमों में निर्मित एवं विकसित उपकरणों  में आयात के अंश पर चिंता प्रकट की जिसकी वजह से सेना…

  • Belated effort at justifying repression

    Date: 28.9.2019      ” Subject (meaning there by Faruq Abdulla) has tremendous pote for creating an environment of public disorder within shrinagar district and other parts of the valley. The conduct of the is seen as fanning the emotions of general masses against the Union of uIndia and instigating the public with statement against…

  • महात्मा गांधी और हमारी अप्रसांगिकता

    सोपान जोशी [ यह लेख मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद की साहित्य अकादमी की भोपाल से छपने वाली पत्रिका ‘साक्षात्कार’ के अक्टूबर–नवम्बर–दिसम्बर 2019 के महात्मा गांधी विशेषांक छपा है। ] कोलकाता में एक चमत्कार बस हुआ ही था। दंगा करने वाले अपने हथियार जमा करवा रहे थे, प्रायश्चित की बात चल रही थी। हिंदू–मुस्लिम दगों की जिस आग को सरकार और…

  • कारपोरेट राजनीति के बदलाव का गांधीवादी तरीका-प्रेम सिंह

    लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आने पर कई संजीदा साथियों ने गहरी चिंता व्यक्त की कि नरेंद्र मोदी की एक बार फिर जीत संविधान और लोकतंत्र के लिए बहुत बुरा संकेत है. पिछले पांच सालों के दौरान धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील साथियों से यह बात अक्सर सुनने को मिलती है कि हम बहुत बुरे समय से…

  • दिल्ली विश्वविद्यालय : क्या थमेगा मूर्ति विवाद!

    प्रेम सिंह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (एबीवीपी) की 30 अगस्त 2019 की रैली में हुए भाषणों से यह स्पष्ट लगता है कि 12 सितम्बर को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में हाल का मूर्ति-विवाद प्रमुख मुद्दा रहेगा. चुनाव परिणाम के बाद भी यह विवाद बना रहने की संभावना है. 20-21 अगस्त 2019…

  • The Spirit of Quit India Movement: Lohia’s Perception

    Prem Singh August 9, 2019 is the 77th anniversary of the Quit India Movement, famously known as the August Revolution and an important milestone in the history of India’s freedom movement. The 75th anniversary of this movement, a movement which was fuelled by the intense desire for freedom of the Indian people, was celebrated two years…

  • भारत छोड़ो आंदोलन की चेतना : लोहिया का बोध

    77वीं सालगिरह पर विशेष  प्रेम सिंह 9 अगस्त 2019 को अगस्त क्रांति के नाम से मशहूर और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में मील का पत्थर माने जाने वाले भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं सालगिरह है. भारतीय जनता की स्वतंत्रता की तीव्र इच्छा से प्रेरित इस महत्वपूर्ण आंदोलन की 75वीं सालगिरह दो साल पहले…

  • जम्मू-कश्मीर पर सरकार का फैसला : कुछ तात्कालिक विचार

    प्रेम सिंह अब जम्मू-कश्मीर का संविधान की धारा 370 के तहत विशेष राज्य का दर्जा समाप्त हो गया है. साथ ही धारा 370 से जुड़ा आर्टिकल 35ए भी निरस्त हो गया है. फैसले के मुताबिक जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य भी नहीं रहेगा. पूरा क्षेत्र दो केंद्र शासित इकाइयों – जम्मू-कश्मीर (विधानसभा सहित) और लद्दाख (विधानसभा रहित)…