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भाजपा की दमनकारी नीति भारतीय जनता पार्टी या उसका प्रेरणा स्रोत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का लोकतंत्र में कोई खास विश्वास नहीं है। इसलिए वे अपने खिलाफ किसी भी विरोध को कुचलने की कोशिश करते हैं। विरोधियों के साथ वार्ता, जो लोकतंत्र का प्रचलित तरीका है में उन्हें विश्वास नहीं। वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को नहीं… Read More

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(यह लेख 2009 का है. आपके पढ़ने के लिए फिर दिया जा रहा है.) जमीन लेंगे … और जान भी प्रेम सिंह जमीन की जंग खेत, जंगल, नदी-घाटी, पठार, पहाड़, समुद्र के गहरे किनारे – हर जगह जमीन की अंतहीन जंग छिड़ी है। यह जंग जमीन पर बसने और उसे हथियाने वालों के बीच उतनी… Read More

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शिक्षा को निजी विद्यालयों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए अनशन मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में 25 प्रतिशत अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के लिए अपने पड़ोस के किसी भी विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क पढ़ने का अधिकार है। शैक्षणिक सत्र 2015-16 में लखनऊ के जिलाधिकारी… Read More

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क्या चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से कश्मीर समस्या का समाधान निकल सकता है? नरेन्द्र मादी ने प्रधान मंत्री बनने के बाद पहले दो वर्ष में जो दुनिया के तमाम देशों के तूफानी दौरे किए उसमें उनकी काफी ऊर्जा इस बात में खर्च हुई कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी राष्ट्र के रूप में चिन्हित करा उसे… Read More

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PATH TO KASHMIR’S SOLUTION We were told that surgical strike was a decisive blow to Pakistan and it had been taught an appropriate lesson. Then we were made to believe that demonetisation would break the backbone of terrorism and naxalism. It was hoped that such incidents would cease. But there doesn’t seem to be any… Read More

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Why and How “Secularism” in Our Constitution Ravi Kiran Jain Any discussion on secularism would need first to focus on two basic aspects: Firstly, the word ‘secularism’ has no substitute in any of our languages. Like the ‘war’ is the opposite word of ‘peace’, in common parlance in the Indian context, ‘secularism’ is understood by… Read More

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जशोदाबेन के अधिकारों के प्रति किसे सहानुभूति होगी? भारतीय जनता पार्टी ने मुस्लिम समाज में तीन बार तलाक कह पति द्वारा पत्नी से सम्बंध विच्छेद कर लेने की प्रथा के खिलाफ एक अभियान छेड़ा हुआ है जो अत्यंत काबिले तारीफ है। मुस्लिम धर्म गुरूओं द्वारा यह कहना कि यह उनके धार्मिक कानूनों के मामले में… Read More

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WHO WILL HAVE SYMPATHY FOR THE RIGHTS OF JASHODABEN? The Bhartiya Janata Party’s initiative against the triple talaq is laudable. The Muslim clergy’s position that it is an interference in internal matters of Muslim personal law is akin to a family accused of domestic violence claiming that it is their internal matter. Just as a… Read More