कार्यवृत्त: सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की राष्ट्रीय समिति की बैठक

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की राष्ट्रीय समिति की बैठक

15 अगस्त, 2026

श्री गुरु तेग बहादुर निवास, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, लॉरेंस रोड, अमृतसर

उपस्थित सदस्यः

अधिवक्ता निंगप्पा देवरावर, कार्यकारी अध्यक्ष
संदीप पांडेय, प्रधान महासचिव
सैयद तहसीन अहमद, अध्यक्ष, संसदीय बोर्ड
सी. पी. जॉन, उपाध्यक्ष
सुरेखा आदम, उपाध्यक्ष
हरिंदर मंशाहिया, महासचिव
डी. गोपालकृष्ण, सचिव
हरीश स्वामी कुमार, सचिव
बलराज नंगल, सचिव
मीनाक्षी मार्टिन सिंह, अध्यक्षा, सोशलिस्ट महिला सभा
धनंजय सिन्हा, महासचिव, संसदीय बोर्ड
धर्मवीर सिंह, महासचिव, सोशलिस्ट मजदूर सभा
वी. वेंकटेश, अध्यक्ष, सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), कर्नाटक
ओम सिंह सत्याना, अध्यक्ष, सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), पंजाब
एम. आर. श्रीनिवास, अध्यक्ष, सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), आंध्र प्रदेश
अधिवक्ता सलाहुद्दीन शिबू, अध्यक्ष, सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), उत्तर प्रदेश
राम मोहन राय, सदस्य, राष्ट्रीय समिति, हरियाणा
बी. एस. बेदी, पंजाब
जगदीप खेड़ा, सदस्य, राष्ट्रीय समिति, पंजाब
शंकर सिंह, अध्यक्ष, सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), कानपुर जिला
प्रेम कुमार, महासचिव, सोशलिस्ट किसान सभा, उत्तर प्रदेश
अनुराग शर्मा, उत्तर प्रदेश
अमिता मौर्या, उत्तर प्रदेश
गोविंद आदम, सदस्य, राष्ट्रीय समिति, महाराष्ट्र
शाऊर खान, दिल्ली
नुसरत जहां, दिल्ली
शैलजा श्रीगाड़ी, महाराष्ट्र
अशोक हिंगे, महाराष्ट्र
पुष्पा के. एम., महाराष्ट्र
ओम द्विवेदी, सदस्य, राष्ट्रीय समिति, उत्तर प्रदेश
मलकीत सिंह, पंजाब
जल्लौर सिंह, पंजाब
कंवलजीत सिंह मन्नान, पंजाब
लिजॉय थॉमस, अध्यक्ष, सोशलिस्ट युवजन सभा, केरल
ए. के. राधाकृष्णन, केरल
अधिवक्ता फैसल अहमद, उत्तर प्रदेश
जगजीत सिंह, पंजाब
जगदीश शर्मा, पंजाब
शेख नुरुल अमीन व मनोज सांरग ने परिवार के सदस्यों की बिमारी के कारण बैठक में अनुपस्थित रहने के लिए अनुमति मांगी।

श्याम गंभीर तथा फैसल खान के पिता के हाल ही में निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और दोनों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया।

वी. वेंकटेश, एम. आर. श्रीनिवास, ओम सिंह सत्याना, राम मोहन राय, मीनाक्षी मार्टिन सिंह, धर्मवीर सिंह, धनंजय सिन्हा, अधिवक्ता सलाहुद्दीन शिबू और जगदीश शर्मा को सम्मानित किया गया। वी. वेंकटेश कर्नाटक से पूर्व सांसद हैं और हाल ही में उन्होंने सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया), कर्नाटक के अध्यक्ष का पद संभाला है। 83 वर्षीय ओम सिंह सत्याना और 76 वर्षीय जगदीश शर्मा को जालंधर से अमृतसर तक आयोजित भारत-पाकिस्तान शांति एवं मैत्री पदयात्रा में उनकी अनुकरणीय भूमिका के लिए सम्मानित किया गया। यह पदयात्रा कल संपन्न हुई।

हरिंदर सिंह मंशाहिया ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने 10 अगस्त को होशियारपुर में सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के संस्थापक सदस्य व वरिष्ठ सोशलिस्ट नेता बलवंत सिंह खेड़ा जी की स्मृति में आयोजित बैठक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भारत-पाकिस्तान शांति एवं मैत्री पदयात्रा तथा रास्ते में प्राप्त जनसमर्थन के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले आगामी चुनावों में सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) को कुछ ऐसे उम्मीदवार खड़े करने चाहिए जो अच्छा प्रदर्शन कर सकें।

कार्यकारी अध्यक्ष अधिवक्ता निंगप्पा देवरावर ने अध्यक्षीय भाषण दिया। उन्होंने समाजवाद के इतिहास पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाजवाद स्वतंत्रता संघर्ष से पैदा हुआ था, बंद कमरों में नहीं। नेताओं ने महसूस किया कि केवल राजनीतिक लोकतंत्र पर्याप्त नहीं है। आर्थिक समानता भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विचारधारा के बिना पार्टी आत्मा के बिना शरीर के समान है। पार्टी की जड़ें जमीनी स्तर पर होनी चाहिए। कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण है। राजनीति पर धन का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। कार्यकर्ताओं के बिना किसी आंदोलन में शक्ति नहीं होती। उन्होंने कहा कि सत्य भले ही धीरे चलता है, लेकिन कभी पीछे नहीं चलता। पश्चिम एशिया के युद्ध में गरीब ही मारे गए और शक्तिशाली लोगों को लाभ मिला। हमें युद्ध का विरोध करना चाहिए। शांति का अर्थ केवल हिंसा का अभाव नहीं है, न्याय भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रकृति शोषण के लिए उपलब्ध कोई संसाधन मात्र नहीं है। टिकाऊ कृषि महत्वपूर्ण है। उन्होंने एक मूलनिवासी अमेरिकी-इण्डियन नेता के कथन का उल्लेख किया कि हमने इस पृथ्वी को अपने पूर्वजों से विरासत में प्राप्त नहीं किया है, बल्कि इसे अपने बच्चों से उधार लिया है। उन्होंने कहा कि दृष्टि के साथ कार्रवाई न हो तो अराजकता पैदा होती है और कार्रवाई के बिना दृष्टि केवल सपना है। मजबूत जड़ें मजबूत पेड़ बनाती हैं। राजनीति का उद्देश्य समस्याओं का समाधान करना होना चाहिए, नई समस्याएं पैदा करना नहीं। उन्होंने कहा कि सिद्धांतों द्वारा निर्देशित होने पर एकता ही शक्ति है। स्थानीय नेतृत्व महत्वपूर्ण है। नेताओं को जनता के साथ खड़ा होना चाहिए, जनता से ऊपर नहीं। उन्होंने फिर प्रसिद्ध कथन का उल्लेख किया – पहले वे आपको नजरअंदाज करते हैं, फिर आप पर हंसते हैं, फिर आपसे लड़ते हैं और अंत में आप जीत जाते हैं। इतिहास उन लोगों को याद रखता है जो आत्मसमर्पण करने से इनकार करते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि हम एक शांतिपूर्ण, हरित और समाजवादी पार्टी का निर्माण करें।

चूंकि इस राष्ट्रीय समिति की बैठक में कोरम पूरा नहीं था अतः यह निर्णय लिया गया कि सिर्फ चर्चा की जाएगी और कोई बड़ा फैसला नहीं लिया जाएगा।

राज्यों से प्राप्त रिपोर्ट

उत्तर प्रदेशः अधिवक्ता सलाहुद्दीन शिबू ने समाजवादी विचारधारा वाली विभिन्न पार्टियों के साथ अपने राजनीतिक अनुभव और पृष्ठभूमि के बारे में बताया। उन्होंने हिंदुत्व की राजनीति पर चर्चा करते हुए उसका विरोध करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें बड़ी पार्टियों का समर्थन करना चाहिए अथवा उम्मीदवार खड़े करके बड़ी पार्टियों की जीत की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाना चाहिए। ऐसी पार्टियों को भाजपा के एजेंट के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य इकाइयों से केंद्रीय कोष में योगदान करने की अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि वे स्वयं अपनी गतिविधियों का खर्च पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। हमारा पार्टी संगठन अभी इतना मजबूत जनाधार नहीं रखता कि हम अपने दम पर चुनाव लड़ सकें। सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) की राष्ट्रीय समिति को राज्य इकाइयों को स्थानीय स्तर पर गठबंधन करने के लिए अधिकृत करना चाहिए। उनका विचार था कि ग्रीन पार्टी को सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) का हिस्सा होना चाहिए। पार्टी की गतिविधियों के लिए धन की आवश्यकता है। सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) की राष्ट्रीय समिति को उत्तर प्रदेश और पंजाब के लिए दिशा-निर्देश देने चाहिए। उत्तर प्रदेश में ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध तथा गाजा में इजरायल की कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किए गए। ईसाइयों के उत्पीड़न के लिए धर्मांतरण-विरोधी कानून के दुरुपयोग के खिलाफ 8 अगस्त को एक बैठक आयोजित की गई।

उत्तर प्रदेश से ही ओम द्विवेदी ने बताया कि कानपुर देहात में पंचायत स्तर पर लोकतंत्र के लिए जमीनी अभियान चलाया जा रहा है। गांधीवादी ग्राम स्वराज की अवधारणा को लागू किया जाना आवश्यक है।

आंध्र प्रदेशः नए अध्यक्ष श्रीनिवास ने बताया कि पार्टी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण, भ्रष्टाचार आदि जैसे अनेक स्थानीय मुद्दों में सक्रिय रूप से शामिल है।

कर्नाटकः अध्यक्ष वेंकटेश ने कहा कि सरकार संविधान के खिलाफ काम कर रही है और धीरे-धीरे संविधान को कमजोर कर रही है। इसका प्रभाव न्यायालयों पर भी पड़ा है। सरकार ने पूरे विपक्ष को राष्ट्र-विरोधी के रूप में चित्रित किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए राज्य इकाइयों को अपने स्वयं के संसाधन जुटाने चाहिए।

बिहार: अध्यक्ष धनंजय सिन्हा ने बताया कि बिहार में 600 सदस्यों का पंजीकरण हुआ है, जिनमें से 400 ने 10 रुपये की सदस्यता शुल्क जमा की है। महिला दिवस पर वीरांगना सभा आयोजित की गई। ग्रीन पार्टी के शुभारंभ के लिए साइकिल रैली तथा मजदूर दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार चुनने के लिए पार्टी के भीतर आंतरिक चुनाव कराया गया। इसमें 302 लोगों ने मतदान किया। चार उम्मीदवार थे। नवीन तिवारी को 170 वोट मिले। अंततः एक छोटी-सी त्रुटि के कारण उनका नामांकन अस्वीकार कर दिया गया। अधिकांश जिला समितियां जमीनी स्तर पर गतिविधियां न होने के कारण निष्क्रिय हैं। उनका गठन जल्दबाजी में किया गया था। यहां तक कि राज्य समिति भी ठीक से काम नहीं कर रही है। केवल 3-4 सदस्य या पदाधिकारी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि गलतियों से सीख मिली है।

संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष सैयद तहसीन अहमद ने कहा कि बिहार और अन्य स्थानों के कुछ सदस्य असंतुष्ट हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जो पदाधिकारी बैठकों में उपस्थित नहीं होते, पार्टी उनके संबंध में क्या करेगी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अभय सिन्हा की सहायता के लिए शऊर अहमद को दिल्ली में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।

प्राधान महासचिव संदीप पांडेय ने कहा कि यदि धनंजय सिन्हा नहीं चाहते थे कि नवीन तिवारी बांकीपुर से चुनाव लड़ें, तो वे उनसे सीधे अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के लिए कह सकते थे। उम्मीदवार का नामांकन पत्र खारिज करवाने के लिए साजिश करने की आवश्यकता क्यों पड़ती? उन्होंने कहा कि इस मामले के पीछे नीयत पर सवाल उठाने वाले लोगों के पास कोई ठोस प्रमाण नहीं है और इसलिए इस मामले को बंद कर दिया जाना चाहिए। जिस किसी सदस्य को कोई शिकायत है, उसे अगली राष्ट्रीय समिति की बैठक में उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि गुजरात और तेलंगाना से बैंक खाते के विवरण प्राप्त नहीं हुए हैं। राछा सुभद्रा रेड्डी ने गलती से तेलंगाना सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) के खाते में स्थानांतरित किए गए 50,000 रुपये खर्च कर दिए हैं और उन्हें वापस करने के लिए तैयार नहीं हैं। हरीश ने कहा कि वापस जाने के बाद वह उनसे इस संबंध में बात करेंगे।

प्ंजाबः बी. एस. बेदी ने कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी बहुत बड़ी है। इसमें केवल 30-50 सदस्य होने चाहिए।

क्ेरलः सी. पी. जॉन ने कहा कि समाजवाद उस टोपी की तरह है जिसने अपना आकार खो दिया है, क्योंकि बहुत से लोग इसे पहनते हैं। हमें सोशलिस्ट पार्टी की उस गौरवशाली पहचान को वापस लाना होगा, जिसकी जड़ें 1934 में स्थापित पार्टी में हैं। सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) केरल में यू.डी.एफ. गठबंधन का हिस्सा है और जल्द ही औपचारिक रूप से इसमें शामिल हो जाएगी। आठ जिलों में पार्टी की इकाइयां सक्रिय हैं। कम-से-कम मासिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कूडियाथ में एक उम्मीदवार ने चुनाव लड़ा, लेकिन दुर्भाग्य से उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।

बैठक का दूसरा सत्र

संदीप पांडेय ने जोर दिया कि पार्टी के संविधान के अनुसार प्रत्येक सक्रिय सदस्य को 20 सदस्य बनाने चाहिए। पार्टी के संविधान के अनुसार संगठनात्मक ढांचा नीचे से ऊपर की ओर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2027 में होने वाली अगली राष्ट्रीय परिषद की बैठक में प्रत्येक ऐसे जिले से, जहां पार्टी की इकाई है, तीन प्रतिनिधि भेजे जाने चाहिए। ये प्रतिनिधि राष्ट्रीय समिति का चुनाव करेंगे। किसी भी राज्य की समिति तभी वैध मानी जाएगी जब कम-से-कम पांच जिलों में जिला समितियां गठित हों। प्रत्येक जिले में कम-से-कम दो ब्लॉक या तहसील स्तर की समितियां होनी चाहिए और इन समितियों के अंतर्गत कम-से-कम 5 प्रतिशत ग्राम सभाओं में समितियां होनी चाहिए।
संदीप पांडेय ने जानकारी दी कि सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल, इंडिया ग्रीन्स पार्टी, तमिलनाडु ग्रीन पार्टी और राइट टू रिकॉल पार्टी के साथ मिलकर ग्रीन एलायंस बनाया गया है।

ऐसी आम राय थी कि उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले आगामी चुनावों में सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) कुछ उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारना चाहिए।

ओम द्विवेदी ने ऑनलाइन सदस्यता प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की जिम्मेदारी ली।

सोशलिस्ट पार्टी (इण्डिया) द्वारा 10 से 24 सितंबर तक लद्दाख में कारगिल से लेह के बीच पदयात्रा आयोजित की जाएगी। यह पदयात्रा लद्दाख के लोगों की संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने, पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने तथा 24 सितंबर, 2025 को हुई हिंसा के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग के समर्थन में होगी।

7 से 11 अक्टूबर तक ग्रीन एलायंस द्वारा पासीघाट, अरुणाचल प्रदेश में हरित समाजवाद पर पाठशाला आयोजित की जाएगी।

अंत में निर्णय लिया गया कि अगली राष्ट्रीय समिति की बैठक उत्तर प्रदेश में आयोजित की जाएगी।


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