सरकार द्वारा शिक्षा के अधिकार को लेकर बरती जा रही लापरवाही

सरकार द्वारा शिक्षा के अधिकार को लेकर बरती जा रही लापरवाही

सरकार द्वारा शिक्षा के अधिकार को लेकर बरती जा रही लापरवाही निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम बना 2009 में तथा 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी है को लागू करने में कई लापरवाहियां बरती जा रही हैं। स्थानीय प्राधिकारी यानी नगर निगम के कर्तव्यों में बताया गया है कि वह प्रत्येक बालक या […]

प्रेस विज्ञप्ति

प्रेस विज्ञप्ति

प्रेस विज्ञप्ति दिनांकः 3 जुलाई, 2017 प्रदेश सरकार से कोई जवाब न मिलने के कारण अनिश्चितकालीन अनशन का सातवें दिन समापन न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल के फैसले कि सरकारी वेतन पाने वालों के बच्चों का सरकारी विद्यालयों में पढ़ना अनिवार्य हो को लागू कराने के लिए किए जा रहे अनशन पर सरकार की तरफ से कोई […]

FAST ENDS ON 7TH DAY AS NO RESPONSE FROM GOVERNMENT

FAST ENDS ON 7TH DAY AS NO RESPONSE FROM GOVERNMENT

FAST ENDS ON 7TH DAY AS NO RESPONSE FROM GOVERNMENT July 3, 2017 The indefinite fast going on to get Justice Sudhir Agarwal’s judgment implemented making it compulsory for all receiving salaries from government to send their children to government schools ended on the 7th day today as there was no reponse from the government. […]

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना उ.प्र. सरकार की प्राथमिकता नहीं

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना उ.प्र. सरकार की प्राथमिकता नहीं

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना उ.प्र. सरकार की प्राथमिकता नहीं उ.प्र. में वृक्षारोपण अभियान के साथ स्कूल चलो अभियान की शुरूआत ’खूब पढ़ो, खूब बढ़ो’ नारे के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्कूल बैग, यूनीफाॅर्म, जूता मोजा, निःशुल्क किताबों का वितरण किया। हरेक स्कूल को 40 पौधे रोपने का लक्ष्य दिया गया है। 31 जुलाई […]

TO IMPROVE THE QUALITY OF EDUCATION STILL NOT A PRIORITY FOR U.P. GOVERNMENT

TO IMPROVE THE QUALITY OF EDUCATION STILL NOT A PRIORITY FOR U.P. GOVERNMENT

TO IMPROVE THE QUALITY OF EDUCATION STILL NOT A PRIORITY FOR U.P. GOVERNMENT In U.P. the Chief Minister has launched a campaign to get children enrolled into schools and linked it to a tree plantation drive. He has also distributed dress, socks, shoes, school bag, free books to encourage children to go to school. Every […]

सुधीर अग्रवाल का फैसले क्यों लागू होना चाहिए

सुधीर अग्रवाल का फैसले क्यों लागू होना चाहिए

सुधीर अग्रवाल का फैसले क्यों लागू होना चाहिए 18 अगस्त 2015 को उ.प्र. उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने फैसले दिया कि सरकारी वेतन पाने वालों के बच्चों का सरकारी विद्यालय में पढ़ना अनिवार्य होना चाहिए। उनका मानना था कि जो लोग इन विद्यालयों के संचालन के लिए जिम्मेदार हैं वे इनमें ऐसे शिक्षक […]