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A GOOD OPPORTUNITY TO END THE COMMISSION SYSTEM Even after the matter of death of 23 children on 10 August, 2017 at Baba Raghav Das Medical College Hospital had come to light, children continued to die there. In all 30 children died over two days 10-11 August and 60 children died over five days from… Read More

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कमीशन की व्यवस्था को खत्म करने का अच्छा मौका गोरखपुर में बाबा राघव दास मेडिकल कालेज के चिकित्सालय में 10 अगस्त को 23 बच्चों के मरने के बाद जब मामला प्रकाश में आ गया उसके बाद भी बच्चों का मरना बंद न हुआ और कुल मिला कर 10-11 अगस्त, 2017, दो दिनों में 30 बच्चे… Read More

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TO DENY CHILDREN ADMISSION ON TECHNICAL GROUNDS IS AGAINST THE SPIRIT OF THE ACT The founder-manager of City Montessori School in Lucknow, Jagdish Gandhi, has recently published full page advertisements in local edition all national dailies claiming that even though he would like to admit children under section 12(1)(c) of the Right to Education Act,… Read More

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तकनीकी आधार पर बच्चों को दाखिले से वंचित करना अधिनियम की भावना के खिलाफ सिटी मांटेसरी स्कूल के प्रबंधक जगदीश गांधी ने लखनऊ के सभी अखबारों में पूरे पृष्ठ के विज्ञापन निकाल कर यह कहा है कि वे तो शिक्षा के अधिकार अधिनियम की धारा 12(1)(ग) के तहत अलाभित समूह व दुर्बल वर्ग के बच्चों… Read More

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The Implications of Ramnath Kovind’s Presidency Prem Singh In the upcoming presidential election, the BJP candidate Ramnath Kovind’s election to the post of the President of India is fait accompli. The debate around the presidential election is restricted to BJP playing the caste-card. The Congress fielding Meira Kumar against BJP’s caste-card, merely changes the discourse… Read More

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रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने के निहितार्थ प्रेम सिंह राष्ट्रपति चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का अगला राष्ट्रपति बनना तय है. राष्ट्रपति चुनाव को लेकर होने वाली चर्चा मुख्यत: भाजपा द्वारा जाति-कार्ड खेलने के इर्द-गिर्द सिमटी है. भाजपा के जाति-कार्ड की काट में कांग्रेस की तरफ से मीरा कुमार को उम्मीदवार बनाये जाने… Read More

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सरकार द्वारा शिक्षा के अधिकार को लेकर बरती जा रही लापरवाही निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम बना 2009 में तथा 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी है को लागू करने में कई लापरवाहियां बरती जा रही हैं। स्थानीय प्राधिकारी यानी नगर निगम के कर्तव्यों में बताया गया है कि वह प्रत्येक बालक या… Read More

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शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना उ.प्र. सरकार की प्राथमिकता नहीं उ.प्र. में वृक्षारोपण अभियान के साथ स्कूल चलो अभियान की शुरूआत ’खूब पढ़ो, खूब बढ़ो’ नारे के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने बच्चों का स्कूल बैग, यूनीफाॅर्म, जूता मोजा, निःशुल्क किताबों का वितरण किया। हरेक स्कूल को 40 पौधे रोपने का लक्ष्य दिया गया है। 31 जुलाई… Read More

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सुधीर अग्रवाल का फैसले क्यों लागू होना चाहिए 18 अगस्त 2015 को उ.प्र. उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने फैसले दिया कि सरकारी वेतन पाने वालों के बच्चों का सरकारी विद्यालय में पढ़ना अनिवार्य होना चाहिए। उनका मानना था कि जो लोग इन विद्यालयों के संचालन के लिए जिम्मेदार हैं वे इनमें ऐसे शिक्षक… Read More