Demonetization: The Politics of Public Suffering

Demonetization: The Politics of Public Suffering

Demonetization: The Politics of Public Suffering Prem Singh There have been various and repeated references to the suffering of the public caused by the decision of demonetization by the government. The suffering of the ordinary people due to this astounding decision has been criticized even by the High Court and Supreme Court. Around 100 people […]

मनवाधिकार का उल्लंघन कब होता है?

मनवाधिकार का उल्लंघन कब होता है?

मनवाधिकार का उल्लंघन कब होता है? यदि हम गौर से देखें तो मानवाधिकार उल्लंघन तब होता है जब एक इंसान दूसरे इंसान को किसी न किसी आधार पर अपने से कम आंकता है। आइए देखें इंसान ने आपस में एक दूसरे से फर्क करने के क्या क्या आधार बना रखे हैं? शायद फर्क करने का […]

EDUCATION TOO DEMANDS THE ATTENTION OF PRIME MINISTER

EDUCATION TOO DEMANDS THE ATTENTION OF PRIME MINISTER

EDUCATION TOO DEMANDS THE ATTENTION OF PRIME MINISTER Recently we saw a debate on Uniform Civil Code in the context of triple talaq with the Prime Minister saying that he can’t allow lives of Muslim women to be ruined. He said it is the responsibility of the government to get Muslim women their rights according […]

जनता की तकलीफ की राजनीति

जनता की तकलीफ की राजनीति

जनता की तकलीफ की राजनीति प्रेम सिंह पिछले दिनों लिए गए विमुद्रीकरण के फैसले पर छिड़ी बहस में फैसले से साधारण जनता को होने वाली तकलीफ का जिक्र कई रूपों में बार-बार हो रहा है। इस औचक फैसले से साधारण जनता को होने वाली तकलीफ की शिकायत उच्च एवं उच्चतम न्यायालय ने भी की है। […]

WHY DOESN’T NARENDRA MODI PLACE A LIMIT ON MAXIMUM INCOME?

WHY DOESN’T NARENDRA MODI PLACE A LIMIT ON MAXIMUM INCOME?

WHY DOESN’T NARENDRA MODI PLACE A LIMIT ON MAXIMUM INCOME? If the purpose of withdrawing bigger denomination notes of Rs. 500 and 1000 was to make it difficult for people to store and use black money why have new big denomination notes of Rs. 500 and 2000 been reintroduced? The idea of withdrawal of big […]

नरेन्द्र मोदी अधिकतम आय की सीमा क्यों नहीं तय करते?

नरेन्द्र मोदी अधिकतम आय की सीमा क्यों नहीं तय करते?

नरेन्द्र मोदी अधिकतम आय की सीमा क्यों नहीं तय करते? यदि रु. 500 और 1000 के नोटों को वापस लेने के निर्णय का मुख्य उद्देष्य काले धन पर अंकुष लगाना था तो पुनः उतने ही बड़े रु. 500 और 2000 के नोटों को बाजार में लाने का उद्देष्य समझ में नहीं आया? बड़े नोटों को […]

भारत में उच्च षिक्षा की दयनीय स्थिति

भारत में उच्च षिक्षा की दयनीय स्थिति

भारत में उच्च षिक्षा की दयनीय स्थिति किसी भी देष में उच्च षिक्षा की नींव विद्यालयी स्तर की षिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ती है। हमारे देष में 1968 के कोठरी आयोग की समान षिक्षा प्रणाली की सिफारिष को नजरअंदाज कर धीरे धीरे, खासकर निजीकरण, उदारीकरण व वैष्वीकरण की नई आर्थिक नीति के लागू होने के […]

STATE OF AFFAIRS OF HIGHER EDUCATION IN INDIA

STATE OF AFFAIRS OF HIGHER EDUCATION IN INDIA

STATE OF AFFAIRS OF HIGHER EDUCATION IN INDIA In a country which neglects its school education can we expect a good quality higher education programme? All the governments, since 1968 Kothari Commission recommendation of Common School System was made, have successfully evaded implementation of the idea. With the adoption of policies of privatization, globalization and […]

संकटग्रस्त सरकार को उबारने हेतु उठाया गया कदम

संकटग्रस्त सरकार को उबारने हेतु उठाया गया कदम

संकटग्रस्त सरकार को उबारने हेतु उठाया गया कदम नरेन्द्र मोदी द्वारा अचानक रु. 500 व 1000 के नोटों का चलन बंद करने का कदम सराहनीय जरूर है लेकिन एक संकटग्रस्त सरकार को बचाने के लिए उठाया गया ज्यादा प्रतीत होता है। उड़ी आतंकी हमले के बाद बढ़ा-चढ़ा कर बताए गए सर्जिकल धावे, जिससे ऐसा आभास […]

A MOVE TO BAIL OUT GOVERNMENT?

A MOVE TO BAIL OUT GOVERNMENT?

A MOVE TO BAIL OUT GOVERNMENT? The sudden decision to withdraw Rs. 500 and Rs. 1000 currency notes, no doubt a laudable one, appears to have been taken to bail out a beleaguered government. The much touted surgical strike in response to the Uri terrorist attack has failed to arrest attacks by Pakistan on our […]