स्वराज्य की अवधारणा ही बचा सकती है आप के प्रयोग को

-संदीप पाण्डेय दूसरों के भ्रष्टाचार पर चैराहे पर सरेआम फांसी पर लटका देने, वसूली सुनिश्चित करने से लेकर जेल में डाल देने का ऐलान करने वाली आम आदमी पार्टी के अपने कार्यकर्ताओं पर जब भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए तो उन्हें सिर्फ पार्टी से निष्कासित कर काम चला लिया गया। इसी से पता चलता […]

The Climate Change Crisis and the Need for Political Intervention

by Gurumoorthy M. Though I have been hearing and reading about ‘climate change’ and ‘global warming’ and have been witnessing the change in the weather over the past decade or so, it never got in to the serious thoughts. In the recent times, couple of events (can i say events?) happened: 1. My friend Arvind […]

अन्य पाटियों जैसी बनती जा रही आप

- संदीप पाण्डेय भारतीय जनता पार्टी शुरु में दावा करती थी कि वह अलग किस्म की पार्टी है। मुख्य रुप से उसका दावा था कि उसके अंदर भ्रष्ट लोग नहीं हैं और वह अपराधियों को सदस्य नहीं बनाती। किंतु धीरे-धीरे उसने यह दावा करना बंद कर दिया और उसकी राजनीति भी भ्रष्टाचार और अपराधीकरण का […]

लोकप्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार तथा चुनाव सुधार के अन्य मुद्दे

पन्नालाल सुराणा अध्यक्ष, केंद्रीय संसदीय बोर्ड सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) जिसे मतदाता चुनकर भेजते है उसने ठीक से काम नही किया तो उसे समय सीमा पूरी होने से पहले ही वापस बुलाने का अधिकार मतदाताओं को होना चाहिये यह बात सिद्धांततः ठीक है चुनाव प्रणाली में सुधार लाने का वह एक मुद्दा माना जाता है। लोकनायक […]

अब साम्प्रदायिकता की काट बने अरविंद केजरीवाल

- संदीप पाण्डेय देश में नरेन्द्र मोदी की लहर है। उनके प्रधान मंत्री पद के उम्मीदवारी की घोषणा से जैसे भारतीय जनता पार्टी में जान आ गई है। कांग्रेस व भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर अमरीका जैसी द्विदलीय प्रणाली चाह रहे थे। क्षेत्रीय दलों में से काफी कोशिश के बाद भी कोई सही अर्थों में राष्ट्रीय […]

Narayan Desai: 90-year-old Brings Gandhi’s Message to the World Through His ‘Gandhi Katha’.

by Sandeep Pandey Narayan Desai, at the age of 90 years, gave the 115th rendition of his Gandhi Katha in Varanasi at Kashi Vidyapeeth from 21st to 25th February, 2014. When most people at his age would be counting their last days or would be incapacitated, he is moving around and narrating Gandhi’s story in […]

कानून का यह दोहरा माप दंड क्यों?

कल दिनांक 28.2.2014 को सहारा इंडिया समूह के मालिक सुब्रत राय को निवेशकों की करोड़ों रुपए की धनराशी वापस न करने के मामले में पेश न होने के कारण सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गैर ज़मानती वारंट के अधीन गोमती नगर थाने की पुलिस ने गिरफतार किया था और उन्हें मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट, लखनऊ की अदालत […]

Will Muslims Become a Vote Bank for AAP?

by Prem Singh The Aam Aadmi Party (AAP) did not succeed in the Muslim majority constituencies in the recently held Delhi Assembly elections even though the AAP leadership tried hard, even monetarily, in this direction to help the candidates. In order to secure the Muslim votes, the AAP supremo visited the heads of many Islamic […]

The AAP Has Tied Itself in Knots.

by Rajinder Sacchar A political debate can be, and should be, sharp, divisive and even personal. But none should deliberately try to vilify the personal character of the opponent unless the facts are unimpeachable. Most of the newspapers, including some of the reputedly sober ones, recently flashed the news about a list circulated by Arvind […]

The AAP Needs to Clear Its Policy Confusion

by Rajinder Sacchar It is hoped that the Delhi Law Minister has understood Article 227 of the Constitution of India providing for the separation of powers between the executive and the judiciary. He along with Chief Minister Kejriwal had an audience with the Chief Justice of the Delhi High Court the other day so as […]