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Jallianwala Bagh: Hundred Years of Sacrifice Prem Singh Today, on April 13, 2019, is the hundredth year of Jallianwala Bagh massacre. It was the day of Baisakhi festival. Thousands of male, female and children had come to Amritsar from nearby villages and towns. Many of them had camped in Jallianwala Bagh’s open ground. There was… Read More

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जलियांवाला बाग : कुर्बानी के सौ साल प्रेम सिंह आज 13 अप्रैल 2019 को जलियांवाला बाग नरसंहार का सौवां साल है. वह बैसाखी के त्यौहार का दिन था. आस-पास के गावों-कस्बों से हजारों नर-नारी-बच्चे अमृतसर आये हुए थे. उनमें से बहुत-से लोग खुला मैदान देख कर जलियांवाला बाग में डेरा जमाए थे. रौलेट एक्ट के… Read More

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And now, it’s Lohia’s turn! Prem Singh 23rd March is Dr. Rammanohar Lohia’s birthday. But it is said that he did not want people to celebrate the day because it was on this day that the revolutionaries – Bhagat Singh, Rajguru and Sukhdev were executed by the British government. So most of his admirers and… Read More

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लोकसभा चुनाव 2019 : विपक्षी एकता के लिए एक नज़रिया (2) प्रेम सिंह मौजूदा दौर की भारतीय राजनीति में नीतियों के स्तर पर सरकार और विपक्ष के बीच अंतर नहीं रह गया है. दरअसल, राजनीतिक पार्टियों के बीच का अंतर ही लगभग समाप्त हो गया है. लोग अक्सर एक पार्टी से दूसरी पार्टी में आवा-जाही… Read More

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और अंत में लोहिया! प्रेम सिंह 23 मार्च को डॉ. राममनोहर लोहिया का जन्मदिन होता है. हालांकि कहा जाता है वे अपना जन्मदिन मनाते नहीं थे. क्योंकि उसी दिन क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ब्रिटिश हुकूमत ने फांसी पर चढ़ाया था. लिहाज़ा, भारत के ज्यादातर समाजवादी लोहिया जयंती को शहीदी दिवस के साथ… Read More

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Patriotism of cowardice and enslaved Mind. Prem Singh 1. The modern industrial civilization has witnessed two World Wars. The researchers of war have yet not been able to estimate the magnitude of casualties/deaths – both military and civilian – which occurred in these two World Wars. The estimated figure of people killed in both World… Read More

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विशेष लेख बुजदिल और गुलाम दिमाग की देशभक्ति प्रेम सिंह 1. आधुनिक औद्योगिक सभ्यता दो विश्वयुद्ध देख चुकी है. युद्ध विशेषज्ञ अभी तक तय नहीं कर पाए हैं कि दो विश्वयुद्धों में कितनी मौतें – फौजी और नागरिक – हुईं. दोनों विश्वयुद्धों में मारे गए लोगों का अनुमानित आंकड़ा 10 से 15 करोड़ के बीच… Read More

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Two Phenomena of ‘Modi Era’ : Virtual World and Unabated Communal-Caste Conflicts Prem Singh First phenomenon : Prime Minister Narendra Modi’s team has succeeded in projecting the political debate from the ground on to the virtual world. The political and intellectual class has played a pivotal role in the last three decades in the crystallisation… Read More

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दिल्ली विश्वविद्यालय में ठेका-शिक्षण का मुद्दा प्रेम सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय में इस समय करीब 5 हज़ार शिक्षक तदर्थ हैं. ये तदर्थ शिक्षक हर साल प्रत्येक अकादमिक सत्र में कॉलेज प्रशासन द्वारा लगाए-हटाये जाते रहते हैं. इस प्रक्रिया में उन्हें तदर्थ शिक्षक से अतिथि शिक्षक भी बना दिया जाता है. इनमें से बहुतों को किसी सत्र… Read More