दिल्ली विश्वविद्यालय में ठेका-शिक्षण का मुद्दा

दिल्ली विश्वविद्यालय में ठेका-शिक्षण का मुद्दा प्रेम सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय में इस समय करीब 5 हज़ार शिक्षक तदर्थ हैं. ये तदर्थ शिक्षक हर साल प्रत्येक

Read More »

कारपोरेट राजनीति का विज्ञापन बनी दिल्ली

कारपोरेट राजनीति का विज्ञापन बनी दिल्ली प्रेम सिंह यह टिप्पणी कोई पत्रकार साथी लिखता तो अधिक सार्थक होती और ज्यादा लोगों तक पहुंचती. दरअसल मैं

Read More »