रक्षा क्षेत्र में सौ प्रतिशत विदेशी निवेश : देश की सीमाओं को भी खतरे में डाल दिया सरकार ने

22 जून 2016

प्रैस रिलीज

रक्षा क्षेत्र में सौ प्रतिशत विदेशी निवेश : देश की सीमाओं को भी खतरे में डाल दिया सरकार ने

केंद्र की भाजपा सरकार ने कई प्रमुख क्षेत्रों के साथ रक्षा क्षेत्र में भी 100 प्रतिशत विदेशी निवेश की छूट देकर देश की सीमाओं को खतरे में डाल दिया है। इस निर्णय के तहत देश की सीमाओं की सुरक्षा की जिम्‍मेदारी भारत की सरकार और सेनाओं से छीन कर अमरीकी-नाटो नेटवर्क को दे दी गई है। अब रक्षा क्षेत्र भी देशी-विदेशी कारपोरेट घरानों के मुनाफे का कारोबार बना दिया गया है। सरकार के इस फैसले से आरएसएस के स्‍वदेशी की हकीकत पूरी तरह खुल कर देशवासियों के सामने आ गई है। आरएसएस एक तरफ सांप्रदायिक उन्‍माद पैदा करके देश की अंदरूनी ताकत को तोडता है, दूसरी तरफ उसने देश की सीमाओं के सुरक्षा घेरे को तोडने का फैसला ले लिया है। उसने सिद्ध कर दिया है कि देश की आजादी से उसे न स्‍वतंत्रता संघर्ष के दौर में कुछ सरोकार था, न आज है।
सोशलिस्‍ट पार्टी का कहना है कि हमारा संवैधानिक संकल्‍प देश को स्‍वतंत्र और स्‍वावलंबी राष्‍ट्र बनाना है, न कि कारपोरेट घरानों की लूट के लिए ‘विदेशी निवेश के लिए दुनिया की सबसे बडी खुली अर्थव्‍यवस्‍था‘। सोशलिस्‍ट पार्टी इस गंभीर मुद्दे पर देशव्‍यापी प्रतिरोध का आह्वान करती है।

अभिजीत वैद्य
महासचिव

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