जस्टिस राजेंद्र सच्चर को श्रद्धांजलि के लिए शोक सभा

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दिनांक :23/04/2018
प्रेस विज्ञप्ति
जस्टिस राजेंद्र सच्चर को श्रद्धांजलि के लिए शोक सभा

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने 22 अप्रैल 2018 की शाम गाँधी शांति प्रतिष्ठान दिल्ली में जस्टिस राजेंद्र सच्चर को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक सभा का आयोजन किया | जस्टिस राजेंद्र सच्चर का 94 वर्ष की आयु में 20 अप्रैल 2018 को दिल्ली में निधन हो गया था| वरिष्ठ समाजवादी नेता और सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक सदस्य, मानवाधिकार कार्यकर्ता और दिल्ली एवं सिक्किम उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस राजेंद्र सच्चर की शोक सभा में कई वरिष्ठ अधिवक्ता, समाजवादी नेता, राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ता, ट्रेड यूनियन नेता, साहित्यकार, पत्रकार, रंगकर्मी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए |शोक सभा की अध्यक्षता सोशलिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेणु गंभीर ने की |
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारीख ने शुरुआत में जस्टिस सच्चर के जीवन और कामों का विस्तृत परिचय दिया और उनसे जुड़ी स्मृतियों को साझा किया | उन्होंने कहा कि जस्टिस सच्चर राजनैतिक दलों की नैतिकता को आदर्श रूप में समाज के सामने रखना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने पी. यू. सी. एल. के माध्यम से कई प्रयास किए | चुनावों में नोटा उनके ही चिंतन का प्रतिफल था | साथ ही, उन्होंने ये भी बताया कि 1985 में पुलिस रिफार्म के लिए सच्चर साहेब कई अहम सुझाव दिए | जस्टिस सच्चर ताउम्र सच्चे समाजवादी, क्रन्तिकारी कार्यकर्ता और आदर्श न्यायविद रहे |
जदयू (शरद) के पूर्व सांसद अली अनवर ने सच्चर समिति रिपोर्ट के के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि आजादी के बाद सही मायनों में सच्चर कमिटी की रिपोर्ट मुस्लिम तुष्टिकरण के राजनैतिक आरोप का तथ्यों के आधार पर खंडन कराती है |
सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह ने कहा कि जस्टिस राजेद्र सच्चर का चिंतन और कर्म सुचिंतित रूप से समाजवादी विचारधारा पर आधारित था | वे आज़ादी से पहले और आजादी के बाद समाजवादी विचारधारा और आंदोलन से जुड़े रहे और उसीके अनुरूप देश, समाज को बदलने के लिए संघर्षरत रहे |
सोशलिस्ट युवजन सभा के अध्यक्ष नीरज कुमार ने कहा कि जस्टिस राजेन्द्र सच्चर आजीवन सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य रहे | जब 2011 में सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का गठन हुआ तो उसके पुनर्स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा | सोशलिस्ट पार्टी की युवा इकाई सोशलिस्ट युवजन सभा पर उनका ख़ास ध्यान रहता था. पार्टी कार्यक्रमों में वे युवाओं के साथ बैठते थे और कहते थे कि इस तरह वे अपना खून जवान करते हैं. सोशलिस्ट युवजन सभा उनके सपनों को साकार बनाने के लिए हमेशा काम कराती रहेगी.
जस्टिस राजेंद्र सच्चर को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने में वालों में प्रमुख रूप से शिवमंगल सिद्धान्तकर (सीपीआई न्यू प्रोलितेरिअन), सादत अनवर (समाजवादी जनता पार्टी – चंद्रशेखर), हरीश खन्ना (पूर्व विधायक), फैजल खान (खुदाई खिदमतगार), तहसीन अहमद (कार्यकारी अध्यक्ष सोशलिस्ट पार्टी दिल्ली प्रदेश), एसएस नेहरा (वरिष्ठ अधिवक्ता), एन. डी. पंचोली (पी. यू. सी. एल.), नावेद हामिद (मुशावरत), प्रो. गोपेश्वर सिंह (दिल्ली विश्वविधालय), शशि शेखर सिंह, डॉ. अश्वनी कुमार (समाजवादी शिक्षक मंच), अनिल नौरिया (वरिष्ठ अधिवक्ता), चरण सिंह राजपूत (सोशलिस्ट पार्टी इंडिया), डॉ. निरंजन महतो, बन्दना पाण्डेय (एसवाईएस), निरंजन कौशिक (जस्टिस सच्चर के निजी सचिव), प्रो. विपिन त्रिपाठी (सद्भावना मिशन) सुरेन्द्र कुमार (एवार्ड), अब्दुल मन्नान (सोसाइटी फॉर कम्युनल हारमनी), रमेश शर्मा, प्रेमपाल शर्मा (लेखक), मदनलाल हिन्द, राजकुमार जैन (वरिष्ठ समाजवादी) प्रभात कुमार (सीपीआईएमल), हकीमुद्दीन कासमी (ज़मीयत उलेमा हिन्द), डॉ. हिरण्य हिमकर (आहंग नाट्य संस्था), कामरेड नरेन्द्र (न्यू प्रोलितेरिअन), अरमां (समाजवादी जनपरिषद), संदीप मरोडिया (सोशलिस्ट पार्टी लोहिया), अरुण सिंह (समता क्रांति दल) शामिल थे |
शोकसभा का संचालन सोशलिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता श्याम गंभीर ने किया.

सैयद तहसीन अहमद
कार्यकारी अध्यक्ष दिल्ली प्रदेश

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